हमारे उद्देश्य

हमारा उद्देश्य

भोजन वितरण

भोजन का दान, मानवता का सम्मान…

संस्थान द्वारा दूर दराज आदिवासी गाँवों एवं डेरों में जाकर महावीर रसोई संचालन के अन्तर्गत अब तक 13,846 लोगों को आप श्री के सहयोग से भोजन कराया गया है।

कम्बल वितरण

कड़कती सर्दी में इस सहयोग से दिल को बड़ा ही सुकून मिलता है…

संस्थान द्वारा अब तक कम्बल वितरण के 113 शिविर आयोजित किए गए हैं, जिसमें जरूरतमंद लोगों को 2207 कम्बल वितरित की गई।

पलंग वितरण

अब छोटे बच्चे कीड़े-मकोड़े- बिच्छू के डंक से परेशान नहीं होंगे…

संस्थान द्वारा शहर के आसपास के क्षेत्रों में रह रहे डेरों (तम्बू) में घूमन्तु परिवार अपने छोटे बच्चों सहित डेरों (तम्बू) में नीचे जमीन पर सो रहे हैं, जिससे जानवरों के काटने का डर हमेशा बना रहता था, अब तक 484 पलंग का वितरण किया जा चुका है।

चिकित्सा कैंप

दूर-दराज के सरकारी विद्यालयों या गांवों में ऐसे कैंप मन को बहुत तसल्ली देते हैं…

संस्थान द्वारा प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीमों द्वारा संस्था कार्यालय एवं गाँवों में समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं। जिसमें निरीक्षण, उपचार व हेल्थ के प्रति जागरूकता प्रदान की जाती है। अब तक 590 व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं।

प्रिस्कूल शिक्षा

शिक्षा के लिए दान, बेहतर जीवन की पहचान…

2 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए खेलों और अन्य रोचक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें आसानी से सिखाया जाता है। ये खेल और हमारी गतिविधियाँ बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को रोचक और सहज बनाती हैं।संस्था द्वारा अब तक 28 बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

अँधेरे से उजाला

अंधेरे से उजाला हुआ तो सबके मुख से आशीर्वाद निकला और खुशी के आँसू चेहरे पर थे…

संस्था द्वारा गाँवों में एवं संस्था कार्यालय में ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों द्वारा अब तक 107 महिलाओं एवं बच्चियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे इन लोगों को किसी के सामने हाथ फैलाना नहीं पड़े।

फूड पैकेट वितरण

अन्नदान से भगवान की कृपा हम पर बनी रहती है व जीवन में शांति व पुण्य मिलता है।

संस्था द्वारा सरकारी अस्पताल में भर्ती पेशेंट के परिजनों व बेघर लोगों को इस तरह के फूड पैकेट का संस्था की महावीर रसोई से बनाकर निरन्तर वितरण किया जाता है। अब तक 2820 फूड पैकेट का वितरण किया जा चुका है।

खाद्य सामग्री वितरण

खाद्य दान करें, समाज में प्यार बढ़ाएं

संस्था द्वारा दूर दराज के क्षेत्रों में खाद्य सामग्री जिनमें आटा, नमक, चना, दाल, चीनी, तेल, मिर्ची, हल्दी, धनिया पाउडर के पैकेट बनाकर केवल जरूरतमंदों को वितरित किए जाते हैं। अब तक 2208 खाद्य सामग्री पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

चलता फिरता महावीर शिक्षा

शिक्षा है विकास की चाबी…

संस्था के अंदर एवं दूरस्त गावों में संस्था द्वारा चलता-फिरता महावीर शिक्षा स्कूल के तहत प्रारंभिक शिक्षा का ज्ञान दिया जाता है। जिसमे अब तक २३८० बच्चे प्रशिक्षित हो चुके है|

स्टेशनरी वितरण

शिक्षा का प्रसार समाज का उद्धार…

संस्थान द्वारा गावों व आदिवासी क्षैत्रो में बच्चों को दानदाताओं / सहयोगियों के दान से स्कूल बैग, कॉपिया, स्लेट, पेंसिल आदि स्टेशनरी विभिन्न शिविरो के माध्यम से वितरित की जाती है। अब तक स्टेशनरी के 715 सेट वितरित किये जा चुके है।

पौधा वितरण

जब पेड़ बचेंगे ही नहीं, तो हम श्वास कैसे लेंगे…
आओ मिलकर प्रकृति को बचने का संकल्प लेवें…

पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से संस्थान द्वारा 10 लाख पेड़ निःशुल्क वितरित करने का दॄढ़ संकल्प लिया गया है जिसमे अब तक 3842 पौधों का वितरण विभिन्न शिविरों में किया जा चुका है |

पौधारोपण (पर्यावरण बचाओ )

पेड़ ऑक्सीजन के उत्पाद में मुख्य भूमिका निभाते है, जिससे पृथ्वी पर जीवन बनाये रखने क लिए आवश्यक है आओ वृक्षारोपण से बचाये पर्यावरण…

पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से एवं सामुहिक प्रयासों से 84 शिविरों में अब तक 2870 पौधे रोप गए है। प्रकृति को देने का भाव मन में रखें, अपने बुजुर्गों में ये भाव था, तो आप और हम श्वास ले पा रहे है। आओ आप और हम मिलकर प्रयास करे।

महिला स्वावलम्बन

कितना अच्छा लगता है जब भीख मांगने वाला अपनी रोजी-रोटी कामना शुरू कर देता है और इज्जत से रोटी खता है।

संस्था द्वारा गावों में एवं संस्था कार्यालय में ही महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों द्वारा अब तक 107 महिलाओं एवं बच्चियों को प्रशिक्षण दिया गया है जिससे इन लोगो को किसी के सामने हाथ फैलाना नहीं पड़े।

पुरुष स्वावलम्बन

लचर एवं भीख मांगता पुरुष हुनर सीख के कमाने लग जावे इससे अच्छी बात जीवन में कुछ हो ही नहीं सकती।

मोबईल प्रशिक्षण (पुरुष स्वावलम्बन)
संस्था द्वारा युवाओं को मोबाइल रिपेयरिंग, कलेण्डर पत्ती लगाने का कोर्स आदि से प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है अब तक 417 युवा लाभान्वित हुए।

नशा मुक्ति रोकथाम

सुकुन के पल

संस्था द्वारा अब तक 76 नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन किया जा चुका है जिसमे 218 लोगों से शराब व अन्य नशा छुड़वाया जा चुका है व नशे न करने के प्रति जागरूक किया गया है।

परिण्डा वितरण (पक्षियों का संरक्षण)

एक परिवार एक परिण्डा मिशन के तहत आत्मीय सुकुन मिलता है।

बेजुबान के जीवन में मदद का हाथ बढ़ावे… बेजुबान पक्षी जो की चिलचिलाती गर्मी में मर न जाए उन्हें परिणडो के माध्यम से पानी मिल जावे, इस हेतु अब तक 6870 परिण्डे वितरण किये जा चुके है।

रोजगार(महिला स्वावलम्बन)

हमारी टीम कच्ची बस्तियों झुग्गी झोपड़ियों में सहयोग हेतु जाते रहते हैं वहाँ लाचार महिलाओं की मदद की जाती है, अब तक 118 महिलाओं व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग किया गया ताकि बद्तर जीवन से उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सके।

भिक्षावृति विरोधी अभियान

भीख मांगने वालो की मदद हम काम खोजकर करने की कोशिश करते रहते है….

भीख मांगने के खिलाफ जागरूकता अभियान में अब तक 63 लोगो को रील्स व आश्रम में रखकर जागरूक किया गया।

घरेलू हिंसा रोकथाम

एक साथी का दूसरे साथी को शारीरिक, मौखिक या आर्थिक रूप से पीड़ित को नुकसान पहुंचाया जाता है। अब तक 29 शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाया गया। इन महिलाओं को लगता था कि हमारी किस्मत ही ऐसी है किन्तु संस्था के सद प्रयास से ये आज संतोषप्रद जीवन जी रहे है।

बाल विवाह रोकथाम

बाल विवाह कार्यक्रम को रुकवाया संस्था सदस्यों को थोड़ी परेशानी जरूर झेलनी पड़ी किन्तु हमारे द्वारा सद्कार्य ही किया गया हमें ख़ुशी है….

भारतीय कानून के अनुसार विवाह हेतु महिलाओं की उम्र 18 वर्ष व पुरुष अबतक की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। किन्तु गावों व दूरदराज क्षेत्रो में रूढ़ीवादी संस्कृति के चलते बच्चों का विवाह रुकवाने में संस्था द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे।

वृद्धाश्रम

बढ़ती महंगाई बच्चों का अपने माता पिता को अब साथ नहीं रखना चाहते है। जबकि इन माता पिताओं ने बचपन में गुलाब समझ कर सींचा था और आज बड़ा होकर वो बबूल कांटेदार हो गया अब तक 13 बुजुर्ग महिला-पुरूष का संस्था के वृद्धाश्रम में जीवन यापन किया जा चुका है।

प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी)

आखिर प्रकृति ही हमारी सच्ची रक्षक है

संस्था द्वारा प्राकृतिक वातावरण में चिकित्सा विधि द्वारा कई प्रकार के इलाज किये जा रहे है अब तक संस्था द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा से 122 लोग लाभान्वित हो चुके है जो किसी ना किसी असाध्य से निराश थे।

जल सेवा

कड़कती गर्मी में तीन मटकी प्याऊ स्टेण्ड सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर रखवाए जाते है जिससे लोग प्यास से बेहाल ना होवे अब तक 48 प्याऊ स्टेण्ड विभिन्न स्थानों पर लगाए गए है।

गौशाला चारा वितरण

गायों की सेवा करने से भगवान का आशीर्वाद और जीवन में सुख प्राप्त होता है, दया व करुणा से गायो का सहारा बने…

हिन्दु धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है गौमाता की सेवा करने से जीवन के बड़े से बड़े कष्ट कट जाते है। गाय की सेवा मात्र से देवी देवता प्रसन्न होते ही एवं परिवार को सुख-समृद्धि व अच्छे स्वास्थ्य का वरदान मिलता है। संस्था की गौशाला व अन्य जगह पर दानदाताओ के सहयोग से चारा वितरण किया जाता है अब तक 810 किलो चारे का गौमाता हेतु वितरण किया जा चुका है।

दिवाली उत्सव

बड़ा ही सुखद एहसास हुआ जब दीपावली पर हमने छोटा सा प्रयास किया जरूरतमंद बच्चो को नए कपड़ो का उपहार देकर…

हर वर्ष दीपावली के कुछ दिनों पहले कच्ची बस्ती व जरूरतमंद बच्चो को कपडे पहनाए जाते है इसी प्रकार समय-समय पर दानदाताओ के अनउपयोगी वस्त्र जो हमें पहुँचाते है उनका वितरण किया जाता है अब तक 8550 ड्रेसों का वितरण किया जा चुका है।

जन्म दिवस समारोह

जन्म दिवस आप और हमारे लिए होता है कुछ खास किन्तु कच्ची बस्तियों में रह रहे बच्चों का हम जन्मदिवस मनाने में जो ख़ुशी मिलती है यकीन मानिये वो हमारा जन्मदिवस मनाने में भी नहीं मिलती…

आप और हम चाहे उम्र कोई भी हो जन्मदिवस के दिन जन्म दिवस मनाते है शुभकामनाओ का तांता लगा रहता है किन्तु ऐसे बेबस बच्चे जिनको 2 वक्त का खाना भी भर पेट नहीं मिल पता ऐसी झोपड़ियों के बच्चो की हमने जन्म तारिख ले रखी है तो जब भी किसी का बर्थ-डे होता है संस्था का वॉलन्टियर वहाँ जाकर दानदाता द्वारा दिए गए सहयोग से जन्म दिवस मनाया जाता है। अब तक संस्था द्वारा 845 बच्चो का जन्म दिवस मनाया गया है।